दर्श अमावस्या कल, शनि पूजा से ढैय्या-साढ़ेसाती में होगा लाभ, देखें मुहूर्त

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आज का पंचांग, 30 नवंबर 2024: मार्गशीर्ष की दर्श अमावस्या शनिवार को है. इस दिन मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्दशी तिथि, विशाखा नक्षत्र, अतिगण्ड योग, शकुनि करण, पूर्व का दिशाशूल और वृश्चिक राशि में चंद्रमा है. सुबह 10:29 बजे से अमावस्या तिथि प्रारंभ होगी. ऐसे में मार्गशीर्ष या अगहन की दर्श अमावस्या 30 नवंबर को है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दर्श अमावस्या के दिन पितर पितृ लोक से धरती पर आते हैं. इस वजह से उनके लिए तर्पण, दान, श्राद्ध, पिंडदान आदि करते हैं. इससे खुश होकर पितर आशीर्वाद देते हैं, जिससे घर में सुख समृद्धि बढ़ती है. परिवार के लोग उन्नति करते हैं.

दर्श अमावस्या के दिन शनिवार व्रत भी है. जो लोग उपवास रखते हैं या जिन पर साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव है, वे लोग शनि महाराज की पूजा करें. शनि देव के समक्ष बैठकर शनि चालीसा, शनि स्तोत्र आदि का पाठ करें. शनि पूजा के लिए काले तिल, सरसों के तेल, काले या नीले रंग के वस्त्र, नीले फूल, शमी के फूल आदि का उपयोग करें. पूजा के दौरान शनिवार व्रत कथा सुनें. फिर शमी के पेड़ की पूजा करें. शाम को शमी के पेड़ के नीचे तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाएं. ऐसा करने से शनि महाराज आप पर प्रसन्न होंगे. साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष के दुष्प्रभाव दूर होंगे.

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शनिवार को काला कंबल, काले रंग का छाता, जूते, चप्पल, लोहे या स्टील के बर्तन, सरसों का तेल, काला तिल, काली उड़द आदि का दान करना चाहिए. गरीबों और असहाय लोगों की मदद करें. इससे शनि देव खुश होते हैं. आज के पंचांग से जानते हैं शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशाशूल, सूर्योदय, चंद्रोदय आदि.

आज का पंचांग, 30 नवंबर 2024
आज की तिथि- चतुर्दशी – 10:29 ए एम तक, उसके बाद अमावस्या
आज का नक्षत्र- विशाखा – 12:35 पी एम तक, फिर अनुराधा
आज का करण- शकुनि – 10:29 ए एम तक, चतुष्पाद – 11:14 पी एम तक, फिर नाग
आज का योग- अतिगण्ड – 04:45 पी एम तक, उसके बाद सुकर्मा
आज का पक्ष- कृष्ण
आज का दिन- शनिवार
चंद्र राशि- वृश्चिक

सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय- 06:56 ए एम
सूर्यास्त- 05:24 पी एम
चन्द्रोदय- चन्द्रोदय नहीं
चन्द्रास्त- 04:31 पी एम

दर्श अमावस्या के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 05:08 ए एम से 06:02 ए एम
अभिजीत मुहूर्त: 11:49 ए एम से 12:31 पी एम
विजय मुहूर्त: 01:54 पी एम से 02:36 पी एम
गोधूलि मुहूर्त: 05:21 पी एम से 05:48 पी एम
अमृत काल: 03:12 ए एम, दिसम्बर 01 से 04:56 ए एम, दिसम्बर 01

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दिन का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
शुभ-उत्तम: 08:14 ए एम से 09:33 ए एम
चर-सामान्य: 12:10 पी एम से 01:28 पी एम
लाभ-उन्नति: 01:28 पी एम से 02:47 पी एम
अमृत-सर्वोत्तम: 02:47 पी एम से 04:05 पी एम

रात का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
लाभ-उन्नति: 05:24 पी एम से 07:05 पी एम
शुभ-उत्तम: 08:47 पी एम से 10:29 पी एम
अमृत-सर्वोत्तम: 10:29 पी एम से 12:10 ए एम, दिसम्बर 01
चर-सामान्य: 12:10 ए एम से 01:52 ए एम, दिसम्बर 01
लाभ-उन्नति: 05:15 ए एम से 06:57 ए एम, दिसम्बर 01

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अशुभ समय
राहुकाल- 09:33 ए एम से 10:51 ए एम
गुलिक काल- 06:56 ए एम से 08:14 ए एम
यमगण्ड- 01:28 पी एम से 02:47 पी एम
दुर्मुहूर्त- 06:56 ए एम से 07:38 ए एम, 07:38 ए एम से 08:20 ए एम
विंछुड़ो- पूरे दिन
दिशाशूल- पूर्व

रुद्राभिषेक के लिए शिववास
श्मशान में – 10:29 ए एम तक, उसके बाद गौरी के साथ.

Tags: Astrology, Dharma Aastha, Religion

FIRST PUBLISHED :

November 29, 2024, 19:04 IST

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