Last Updated:February 12, 2025, 12:21 IST
Government Bank Stake Sell : सरकारी बैंकों में अपनी हिस्सेदारी घटाने के लिए सरकार इक्विटी हिस्सा बेचेगी. बाजार नियामक सेबी ने इन बैंकों को नियमों का पालन करने के लिए 16 मई 2026 तक का समय दिया है.
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सेबी के नियमों को पूरा करने के लिए 3 सरकारी बैंक हिस्सेदारी बेचेंगे.
हाइलाइट्स
- सरकार 3 सरकारी बैंकों में हिस्सेदारी बेचेगी.
- यूको बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक शामिल.
- सेबी के नियमों के तहत 2026 तक 25% हिस्सेदारी.
नई दिल्ली. शेयर बाजार में लिस्टेड 3 सरकारी बैंकों ने नियमों को पूरा करने के लिए अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी शुरू कर दी है. इन बैंकों को सेबी की ओर से जारी गाइडलाइन को पूरा करना है, जिसके लिए करीब 20 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी है. सार्वजनिक क्षेत्र के यूको बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक अगले वित्तवर्ष में वित्तीय संस्थानों को शेयर बेच सकते हैं. ऐसा करके वे पूंजी जुटाने और शेयर बाजार नियामक द्वारा निर्धारित न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (MPS) मानदंडों के साथ तालमेल बिठाने की योजना बना रहे हैं.
लाइवमिंट के अनुसार, सरकार के पास वर्तमान में इन बैंकों में 95 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी है, जबकि बाकी हिस्सेदारी सार्वजनिक निवेशकों के पास है. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों के अनुसार, सभी सूचीबद्ध कंपनियों को कम से कम 25 फीसदी सार्वजनिक हिस्सेदारी बनाए रखनी होती है. बैंकों के लिए वित्तीय वर्ष 2026 में बाजार की स्थिति के आधार पर कई दौर की योग्य संस्थागत प्लेसमेंट (क्यूआईपी) करने की संभावना है, ताकि धीरे-धीरे नियामक आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके.
सरकार कम करेगी हिस्सेदारी
सरकार ने इस साल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) को इक्विटी में कमी की संभावना तलाशने और अपने बाजार प्रस्तावों को रणनीतिक रूप से समयबद्ध करने की अनुमति दी है. कितनी हिस्सेदारी कब कम की जाएगी, इसका अनुमान चरणबद्ध तरीके से लगाया जाएगा. इस साल हिस्सेदारी बिक्री का अनुमान 5-10% भुगतान की गई इक्विटी पूंजी के बीच है. अगले कुछ वर्षों में और अधिक हिस्सेदारी की बिक्री की जाएगी.
क्या है सेबी का नियम
बाजार नियामक सेबी ने अगस्त 2024 में सभी सूचीबद्ध कंपनियों के लिए 25 फीसदी एमपीएस नियम अनिवार्य किया था, लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) को इसका पालन करने के लिए अगस्त 2026 तक का समय दिया है. भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को 10 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरधारिता प्राप्त करने के लिए 16 मई 2027 तक का समय मिला है. 31 दिसंबर 2024 तक 12 में से 7 सरकारी बैंकों स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया ने इस नियम को पूरा कर लिया है.
5 बैंकों में 2 और शामिल
बैंक ऑफ महाराष्ट्र और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को अभी इस नियम का पालन करने के लिए कदम उठाने बाकी हैं. सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए पूंजी प्राप्तियों में 50,000 करोड़ रुपये का बजट रखा था, जिसे बाद में 33,000 करोड़ रुपये कर दिया गया क्योंकि कई विनिवेश और मुद्रीकरण योजनाएं सफल नहीं हो पाईं.
किस बैंक में कितनी हिस्सेदारी
सरकार के पास वर्तमान में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 93.08 फीसदी, बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 79.60 फीसदी, यूको बैंक में 95.39 फीसदी, पंजाब एंड सिंध बैंक में 98.25 फीसदी और इंडियन ओवरसीज बैंक में 96.38 फीसदी हिस्सेदारी है. मौजूदा बाजार कीमतों के अनुसार, इन पांच बैंकों में सरकार की हिस्सेदारी बेचने से लगभग 50,000 करोड़ रुपये मिल सकते हैं, जिसमें अकेले इंडियन ओवरसीज बैंक से लगभग 20,000 करोड़ का योगदान होगा.
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
February 12, 2025, 12:21 IST