इस पौधे को माना जाता है भगवान, हिन्दू धर्म में होती है पूजा

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Last Updated:January 11, 2025, 22:18 IST

Medicinal Plant: आयुर्वेदिक डॉक्टर महेश वर्मा ने बताया कि तुलसी एक प्राकृतिक माउथ फ्रेशनर है. तुलसी के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण वायरल, बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण को रोकता है. तुलसी की पत्तियों में हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने के गुण मौजूद है....और पढ़ें

अजमेर. धर्म और आयुर्वेद दोनों के लिए तुलसी का पौधा बहुत महत्वपूर्ण है. तुलसी को आयुर्वेद में जड़ी बूटियों की रानी कहा जाता है. इस पौधे के पत्ते, फूलों, जड़ और तना सभी बहुत उपयोगी हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी किसी भगवान से कम नहीं है. हिंदू धर्म के अनुसार तुलसी का पौधा सबसे पवित्र होता है. इसकी सुबह और शाम पूजा की जाती है. हिंदू धर्म में तुलसी को देवी का दर्जा दिया गया है.

तुलसी के औषधीय गुण
आयुर्वेदिक डॉक्टर महेश वर्मा ने बताया कि तुलसी एक प्राकृतिक माउथ फ्रेशनर है. तुलसी के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण वायरल, बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण को रोकता है. यह आंखों संबंधित बीमारियों जैसे सूजन को भी कम करता है. यह मुंह के छालों को भी ठीक कर सकता है. इसके अलावा तुलसी में प्रचुर मात्रा में विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद हैं जो फ्लू,अस्थमा, बुखार और सामान्य सर्दी जैसी सामान्य बीमारियों के इलाज में बेहद सहायक हैं. तुलसी के पत्तों में कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं की वृद्धि को कम की शक्ति मौजूद है.

ब्लड प्रेशर को कम करने में सहायक
तुलसी की पत्तियों में हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने के गुण मौजूद है. तुलसी सिरदर्द, चिंता, डिप्रेशन, अनिद्रा और हाई ब्लड प्रेशर के लिए भी एक कारगर उपचार है.

दर्द निवारक है तुलसी के पत्तों का रस
तुलसी डायबिटीज के लेवल को नियंत्रित करने में बेहद कारगर है. इसका सेवन मेटाबॉलिज्म बढ़ाने और शरीर को कार्बोहाइड्रेट और लिपिड के प्रोसेसिंग में मदद करता है. तुलसी की पत्तियों में त्वचा की समस्या जैसे दाद या कीड़े के काटने को ठीक करने की क्षमता होती है. तुलसी के पत्तों का रस दर्द निवारक का काम करता है.

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